सोमवार, 19 अक्टूबर 2020

पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त की शिक्षा में उपयोगिता

 

पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त की शिक्षा में उपयोगिता    

(Educational Implication of Piaget Cognitive Development)

Ø पियाजे ने अपने सिद्धांत का प्रयोग शिक्षा के क्षेत्र में करते हुए अनुकरण खेल की क्रिया को महत्व दिया है शिक्षकों को अनुकरण खेल विधि से शिक्षणकार्य करना चाहिए

Ø पियाजे कहते है कि जो बच्चे सीखने में धीमे होते हैं उन्हें दण्ड नहीं देना चाहिए

Ø पियाजे के सिद्धांत के अनुसार आभिप्रेरणा और बालक दोनों ही अधिगम विकास के लिए आवश्यक है इन दोनों को शिक्षा में प्रयोग करना उचित होगा

Ø बच्चों को अपने आप करके सीखने का अवसर हमे प्रदान करना चाहिए

Ø 12 वर्ष की अवस्था के बच्चों को समस्या समाधान विधि से पढ़ाया जाना चाहिए क्योंकि 10 -12 वर्ष की आयु तक आतेआते बच्चों में यह क्षमता विकसित होने लगती है

Ø शिक्षकों अन्य व्यकितयों को बच्चों की बुद्धि का मापन उसकी व्यवहारिक क्रियाओ के आयोग के आधार पर करना चाहिए

Ø बच्चा स्वयं और पर्यावरण से अंतः क्रिया द्वारा सीखता है अतः हमें ( शिक्षको, मातापिता ) बच्चे के लिए प्रेरणादायक माहौल का निर्माण कसना चाहिए

Ø इस सिद्धांत के आधार पर शिक्षक एवं अभिभावक बच्चों की र्तकशकित विचारशक्ति को पहचान सकते हैं

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