बाल
केन्द्रित
शिक्षण के
सिद्धांत
Ø बालकों को क्रियाशील रखकर शिक्षा प्रदान करना. इससे किसी भी कार्य को करने में बालक के हाथ, पैर और मस्तिष्क सब क्रियाशील हो जाते हैं |
Ø इसके अंतर्गत बालकों को महापुरुषों, वैज्ञानिकों का उदहारण देकर प्रेरित किया जाना शामिल है |
Ø अनुकरणीय व्यवहार, नैतिक कहानियों, व् नाटकों आदि द्वारा बालक का शिक्षण किया जाता है
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Ø बालक के जीवन से जुड़े हुए ज्ञान का शिक्षण करना
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Ø बालक की शिक्षा उद्देश्यपरक हो अर्थात बालक को दी जाने वाली शिक्षा बालक के उद्देश्य को पूर्ण करने वाली हो |
Ø बालक की योग्यता और रूचि के अनुसार विषय-वस्तु का चयन करना
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Ø रचनात्मक कार्य जैसे हस्त कला आदि के द्वारा शिक्षण |
Ø पाठ्यक्रम को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर शिक्षण
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