बाल केन्द्रित शिक्षा में शिक्षक की भूमिका
शिक्षक, शिक्षार्थियों का सहयोगी व मार्गदर्शक होता है | बाल केन्द्रित शिक्षा में शिक्षक की भूमिका और बढ़ जाती है | बाल केन्द्रित शिक्षा में शिक्षक को निम्नलिखित बिन्दुओं की ध्यान में रखना चाहिए-
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बालकों का सभी प्रकार
से मार्गदर्शन करना चाहिये तथा विभिन्न क्रिया-कलापों को नियंत्रित करने में सहायता
करना चाहिये |
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शिक्षा के यथार्थ उद्देश्यों के प्रति पूर्णतया सजग रहना चाहिए |
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शिक्षक का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान प्रदान करना मात्र ही नहीं होता वरन बाल-केन्द्रित शिक्षा का महानतम लक्ष्य बालक का सर्वोन्मुखी विकास करना है, अतः इस उद्देश्य की पूर्ती के लिए बालक की अधिक से अधिक सहायता करनी चाहिए |
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बाल केन्द्रित शिक्षा में शिक्षक को स्वतंत्र रह कर निर्णय लेना चाहिए कि बालक को क्या सिखाना है?
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