सोमवार, 19 अक्टूबर 2020

किशोरावस्था – अर्थ, परिभाषा (Adolescent- meaning and definitions)

 

                         किशोरावस्था – अर्थ, परिभाषा                                              (Adolescent- meaning and definitions)

किशोरावस्था शब्द अंग्रेजी में Adolescence कहते है जिसकी उत्पत्ति लैटिन भाषा के Adolescere शब्द से हुई है, जिसका अर्थ है परिपक्वता की ओर बढ़ना (To grow to maturity) |

 

      

 

विद्वानों ने 13-21 वर्ष की अवस्था को किशोरावस्था माना है | जबकि मनोवैज्ञानिकों के अनुसार किशोरावस्था यौनिक परिपक्वता (Sexual maturity) से प्रारंभ होती है और वैधानिक परिपक्वता (Legal maturity) पर समाप्त हो जाती है | मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि केवल 13 वर्ष का हो जाना ही किशोरावस्था के लिये पर्याप्त नहीं है बल्कि  उसके लिए बालक-बालिकाओं के भीतर पर्याप्त शारीरिक (Physical) मानसिक (Mental) परिवर्तनों का होना परम आवश्यक है | परिवर्तन की इस अवस्था में माता-पिता, अभिभावक और शिक्षकों को किशोरों के विकास पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए क्योंकि स्टेनले हॉल के अनुसारकिशोरावस्था बड़े संघर्ष, तनाव तूफान की अवस्था होती है |’ अगर इस वक्त उनपर ध्यान नहीं दिया जाये तो वो भटकर गलत मार्ग को अपना सकते है जैसाकि हम जानते है  किशोर ही वर्तमान की शक्ति और भविष्य की आशा होती है | अतः यह बहुत जरुरी है |

परिभाषायें (Definitions)–

करमाईकल (Carmichael) के अनुसार, “किशोरावस्था जीवन का वह काल है जहाँ से किसी अपरिपक्व व्यक्ति का शारीरिक मानसिक विकास चरम सीमा की ओर बढ़ता है |”

Adolescence has been defined as that time of life when an immature individual in his approaches the culmination of his physical and mental growth.” Carmichael

 

स्टेनले हॉल के अनुसार, “किशोरावस्था बड़े संघर्ष, तूफान विरोध की अवस्था है |”

“Adolescence is a period of great stress and strain, strom and strike.” Stanley Hall

 

      बिग हंट के अनुसार, “किशोरावस्था के समुचित अर्थ को प्रकट करने वाला एक शब्द है – ‘परिवर्तन| यह परिवर्तन शारीरिक, सामाजिक मनोवैज्ञानिक होता है |”

      “The one word which best characterizes adolescence once is ‘change’. The change is physiological, sociological and psychological.” – Bigge and Hunt

 

            आइजनेक और उनके साथियों के अनुसार, “किशोरावस्था वयः संधि के बाद की वह अवस्था है जिसमें व्यक्ति के अन्दर उत्तरदायित्व की भावना स्थापित होती है |”

“The post pubertal period in which individual self responsibility is established.” – Eysenck and other

 

इस प्रकार उपर्युक्त परिभाषाओं से स्पष्ट होता है कि किशोरावस्था तीव्र परिवर्तनों की अवस्था है जो व्यः संधि अवस्था से प्रारम्भ होकर व्यस्कावस्था की प्रारंभिक अवस्था तक रहती है |

 

किशोरावस्था का विभाजन

 

विद्वानों ने किशोरावस्था को 2 वर्गों में बाटा है

(i). पूर्व किशोरावस्था (Early Adolescence) 13-16 वर्ष

(ii). उत्तर किशोरावस्था (Late Adolescence) 17-21 वर्ष

 

    

 

(i). पूर्व किशोरावस्था (Early Adolescence)  यह अवस्था वयः संधि अवस्था की समाप्ति अर्थात 13 वर्ष से प्रारम्भ होकर 16-17 वर्ष तक चलती है | विद्वानों का मानना है की बालिकाओं में इसका प्रारम्भ 13 वर्ष से और बालकों में लगभग एक वर्ष बाद से होता है | यह अवस्था समस्या बाहुल्य की अवस्था रहती है क्योंकि द्रुत शारीरिक परिवर्तन होने के कारण समायोजन सम्बन्धी समस्यायें उत्पन्न हो जाती है |

(ii). उत्तर किशोरावस्था (Late Adolescence) यह अवस्था 16 या 17 वर्ष से 21 वर्ष तक चलती है |17 वर्ष की आयु को हरलॉक ने पूर्व किशोरावस्था और उत्तर किशोरावस्था के मध्य की विभाजन रेखा कहा है | विकास की दृष्टि से यह अवस्था अत्यधिक महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह काल प्रौढ़ जीवन की तैयारी का समय भी होता है |

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